गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में 22 सितंबर को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर से चुने गए कलाकारों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों को सम्मानित किया। इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह दिल्ली से बाहर आयोजित किया गया, जिसे भारतीय सिनेमा के सम्मान समारोह को देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की दिशा में एक नई पहल के तौर पर देखा गया।
फिल्मी सितारों को राष्ट्रपति ने दिया खास संदेश
पुरस्कार प्रदान करने के बाद अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्म कलाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकप्रिय कलाकारों का बच्चों और युवाओं पर काफी प्रभाव होता है। ऐसे में जब बड़े सितारे स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं, तो उनकी बात बड़ी संख्या में लोग अपनाने की कोशिश करते हैं।
राष्ट्रपति ने फिल्मी हस्तियों से स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक उत्पादों का प्रचार नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कलाकारों की लोकप्रियता का इस्तेमाल समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए।
फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की भागीदारी पर भी जोर
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की जूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की जूरी में महिलाओं की मौजूदगी सुनिश्चित होने से फैसलों में व्यापक मानवीय दृष्टिकोण शामिल हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म उद्योग से जुड़े छोटे कलाकारों, सहायकों और अन्य कर्मियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा पर भी जोर दिया।
अनंत नाग को मिला दादा साहब फाल्के पुरस्कार
समारोह में दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। भारतीय सिनेमा में पांच दशक से अधिक लंबे योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया। राष्ट्रपति ने उनके थिएटर और सिनेमा में योगदान की सराहना की।
भारतीय सिनेमा की विविधता को मिला मंच
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सिनेमा देश की अलग-अलग भाषाओं, परंपराओं, आकांक्षाओं और संघर्षों को दर्शाता है। केवड़िया में समारोह आयोजित किए जाने को उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता से जोड़कर देखा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी भविष्य में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को अलग-अलग राज्यों और प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाने की बात कही है।