बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं है। खासकर तब, जब किसी कलाकार को करियर की शुरुआत में ही परिवार के विरोध का सामना करना पड़े। अभिनेत्री मल्लिका शेरावत की जिंदगी भी संघर्ष और आत्मनिर्णय की ऐसी ही कहानी से जुड़ी है। अपनी बेबाक छवि और बोल्ड भूमिकाओं के लिए चर्चा में रहने वाली मल्लिका ने फिल्मी दुनिया में जगह बनाने के लिए कई चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने अपने फैसलों पर भरोसा किया और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई।
पिता की नाराजगी के बावजूद चुनी एक्टिंग की राह
मल्लिका शेरावत का असली नाम रीमा लांबा है। मीडिया में उनकी जिंदगी से जुड़े कई किस्से सामने आते रहे हैं, जिनमें परिवार के साथ मतभेदों का जिक्र भी किया जाता है। बताया जाता है कि उनके फिल्म इंडस्ट्री में आने के फैसले को लेकर परिवार में असहमति थी। पारंपरिक सोच और सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर चिंताओं के बीच मल्लिका ने अपने करियर का रास्ता खुद चुनने का फैसला किया।
परिवार के विरोध के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को पीछे नहीं छोड़ा। उनके सफर का यह पहलू बताता है कि अपने करियर को लेकर स्वतंत्र फैसला लेना कई बार आसान नहीं होता, लेकिन आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर आगे बढ़ने का रास्ता बनाया जा सकता है।
मां से जुड़ी पहचान के लिए अपनाया ‘शेरावत’ सरनेम
मल्लिका शेरावत के नाम को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बनी रहती है। उनका जन्म रीमा लांबा के नाम से हुआ था, लेकिन फिल्मी दुनिया में उन्होंने मल्लिका शेरावत नाम अपनाया। उनके नाम और सरनेम को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में पारिवारिक परिस्थितियों का जिक्र मिलता है।
मल्लिका ने अपने अभिनय करियर के लिए एक नई पहचान चुनी और इसी नाम से लोकप्रियता हासिल की। उनका फिल्मी नाम आगे चलकर उनकी सार्वजनिक पहचान बन गया। परिवार से जुड़े मतभेदों के बावजूद अपनी अलग राह बनाने का उनका फैसला उनके जीवन के चर्चित पहलुओं में शामिल रहा है।
मुंबई पहुंचकर शुरू किया फिल्मी सफर
फिल्मों में करियर बनाने के लिए मल्लिका ने मुंबई का रुख किया। किसी बड़े फिल्मी परिवार से ताल्लुक नहीं रखने के बावजूद उन्होंने इंडस्ट्री में काम हासिल करने की कोशिश की। साल 2003 में आई फिल्म ख्वाहिश से उन्हें पहचान मिलनी शुरू हुई। फिल्म में उनके बोल्ड दृश्यों की काफी चर्चा हुई और वह मनोरंजन जगत में सुर्खियों में आ गईं।
इसके बाद 2004 में रिलीज हुई फिल्म मर्डर ने उनके करियर को बड़ी पहचान दी। इमरान हाशमी के साथ उनकी इस फिल्म को दर्शकों के बीच काफी चर्चा मिली। फिल्म की सफलता के बाद मल्लिका बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।
‘वेलकम’ और ‘प्यार के साइड इफेक्ट्स’ से भी बटोरी तारीफ
मल्लिका शेरावत ने अपने करियर में अलग-अलग तरह की फिल्मों में काम किया। अक्षय कुमार, नाना पाटेकर और अनिल कपूर जैसे कलाकारों के साथ फिल्म वेलकम में उनकी भूमिका को दर्शकों ने देखा। वहीं, प्यार के साइड इफेक्ट्स में भी उन्होंने अभिनय किया।
इन फिल्मों ने उनकी छवि को केवल बोल्ड भूमिकाओं तक सीमित रखने के बजाय कॉमेडी और रोमांटिक कहानियों से भी जोड़ा। मल्लिका ने हिंदी फिल्मों के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी काम किया और अपनी पहचान को भारतीय सिनेमा से बाहर तक पहुंचाने की कोशिश की।
जैकी चैन की फिल्म में भी किया काम
मल्लिका शेरावत ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म द मिथ में भी अभिनय किया था, जिसमें उनके साथ हॉलीवुड और मार्शल आर्ट्स के सुपरस्टार जैकी चैन नजर आए। इस प्रोजेक्ट के जरिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अवसर मिला।
फिल्मी करियर में आगे बढ़ने के लिए कलाकारों को ऑडिशन, स्क्रीन टेस्ट और कई तरह की चयन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। मल्लिका का सफर भी इस बात की याद दिलाता है कि फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने के लिए अवसरों के साथ मेहनत और निरंतर प्रयास की जरूरत होती है।
मल्लिका शेरावत की कहानी से क्या मिलती है सीख?
मल्लिका शेरावत का करियर उतार-चढ़ाव और कई चर्चित फैसलों से भरा रहा है। उन्होंने अपने लिए अलग पहचान बनाई और ऐसी भूमिकाएं चुनीं, जिनकी वजह से वह लंबे समय तक सुर्खियों में रहीं।
उनकी यात्रा से यह सीख मिलती है कि जीवन में अपने लक्ष्य तय करना और उन्हें हासिल करने के लिए मेहनत करना महत्वपूर्ण है। परिवार या समाज की असहमति के बीच भी अपने फैसलों पर सोच-समझकर आगे बढ़ना व्यक्ति को नई दिशा दे सकता है। मल्लिका शेरावत की फिल्मी कहानी इसी आत्मविश्वास और स्वतंत्र पहचान बनाने के प्रयास की मिसाल है।