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‘मन की बात’ देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड़ देशवासियों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

  • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अभनपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी एवं श्री सिद्धार्थ शंभू के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी
  • प्रधानमंत्री देशवासियों के असाधारण कार्यों और नवाचारों को दे रहे राष्ट्रीय पहचान: मुख्यमंत्री श्री साय
  • ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराओं और नवाचारों का निरंतर उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव का विषय – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर . मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर जिले के अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी एवं श्री सिद्धार्थ शंभू के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी का श्रवण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड़ देशवासियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मीय जुड़ाव का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज, पर्यावरण, संस्कृति, नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे सामान्य नागरिकों के असाधारण प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान देते हैं। ऐसे प्रेरक उदाहरण देशवासियों में समाज और राष्ट्र के लिए कुछ नया करने का भाव जागृत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रत्येक छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की विभिन्न कडि़यों में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, खेल प्रतिभाओं, जल संरक्षण, पोषण और नवाचार से जुड़े प्रयासों को प्रमुखता से स्थान दिया है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का उल्लेख कर बस्तर की खेल प्रतिभाओं एवं समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दी है। आज शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा बस्तर अपनी युवा प्रतिभाओं और सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से नई पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कोरिया जिले में जल संरक्षण के अभिनव ‘पांच प्रतिशत मॉडल’ की भी सराहना की है, जिसके तहत किसान अपनी भूमि के पांच प्रतिशत हिस्से में तालाब बनाकर वर्षा जल का संचय करते हैं। इससे सिंचाई के साथ भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसी प्रकार ऐतिहासिक मल्हार के ताम्रपत्रों और पोषण से जुड़े ‘हर घर मुनगा’ जैसे प्रयासों का उल्लेख छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में कार्यक्रम की 12 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए देश के सामान्य नागरिकों के परिश्रम, सेवा और समर्पण की सराहना की। उन्होंने पंजाब में प्राकृतिक कपास की खेती और बुनकरी से महिला सशक्तिकरण, उत्तराखंड में हेवल नदी के पुनर्जीवन, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान और खादी की बढ़ती लोकप्रियता जैसे प्रेरक प्रयासों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने त्योहारों के अवसर पर स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने ई-संजीवनी, आधुनिक अनुसंधान, युवाओं के डीप-टेक स्टार्टअप, श्रीअन्न की खेती और अंगदान के महत्व को भी रेखांकित किया। साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर ‘रन फॉर यूनिटी’ में सहभागिता, स्वच्छता और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार हमें अपने आसपास हो रहे सकारात्मक कार्यों से प्रेरणा लेने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने की प्रेरणा देते हैं। ‘मन की बात’ ने स्वच्छता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, नवाचार, सेवा और जनभागीदारी को जन-जन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी, नवाचार और कर्तव्य के प्रति समर्पण आवश्यक है। इन्हीं सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ और देश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ेंगे। इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

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