सर्दियों के मौसम में कई लोगों को जोड़ों में दर्द, कमर में अकड़न और शरीर में कमजोरी जैसी परेशानियां महसूस होने लगती हैं। हालांकि, सिर्फ ठंड को इसका कारण मानना सही नहीं है। लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी और पोषण की कमी भी हड्डियों और मांसपेशियों की सेहत को प्रभावित कर सकती है।
हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए कैल्शियम के साथ-साथ विटामिन डी, प्रोटीन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व भी जरूरी हैं। ऐसे में रोज की डाइट में कुछ पौष्टिक चीजों को शामिल करके हड्डियों की सेहत का ध्यान रखा जा सकता है।
हड्डियां कमजोर होने पर दिख सकते हैं ये संकेत
हड्डियों की कमजोरी हमेशा शुरुआत में स्पष्ट नहीं होती। हालांकि, कुछ लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।
- बार-बार कमर या पीठ में दर्द होना
- घुटनों या अन्य जोड़ों में दर्द और अकड़न
- मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना
- जल्दी थकान होना
- मामूली चोट में फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ना
हड्डियों की मजबूती के लिए क्या खाएं?
1. रागी
रागी कैल्शियम का अच्छा स्रोत है और इसे डाइट में शामिल करने का आसान तरीका है। खासकर जो लोग दूध या डेयरी उत्पाद कम लेते हैं, वे रागी की रोटी, डोसा या दलिया खा सकते हैं। यह एक पौष्टिक अनाज है, जिसमें फाइबर और अन्य पोषक तत्व भी मिलते हैं।
2. तिल
सर्दियों में तिल का सेवन काफी आम है। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। तिल को सलाद, चटनी या सीमित मात्रा में तिल से बनी चीजों के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है।
3. दही
दही कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत हो सकता है। इसे भोजन के साथ रायते के रूप में या अलग से लिया जा सकता है। अगर आपको ठंडी चीजों से परेशानी होती है, तो दही के सेवन का समय और मात्रा अपनी सहनशीलता के अनुसार रखें।
4. सोयाबीन
सोयाबीन प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ है और इसमें कई जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं। शाकाहारी लोगों के लिए यह प्रोटीन का अच्छा विकल्प हो सकता है। सोयाबीन को सब्जी, करी या अन्य व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है।
5. दूध और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ
दूध, पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद कैल्शियम और प्रोटीन उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं। अगर आप डेयरी उत्पाद नहीं लेते हैं, तो कैल्शियम-फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों या अन्य पौधों से मिलने वाले स्रोतों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
इन आदतों से भी बचें
सिर्फ पौष्टिक खाना खाना ही काफी नहीं है। हड्डियों की सेहत के लिए रोजाना सक्रिय रहना भी जरूरी है। बहुत ज्यादा नमक, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन हड्डियों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलना-फिरना और नियमित वजन उठाने वाली एक्सरसाइज करना भी फायदेमंद हो सकता है।
ध्यान रखें: अगर लगातार कमर या जोड़ों में दर्द रहता है, बार-बार फ्रैक्चर होता है या हड्डियों की कमजोरी की आशंका है, तो केवल डाइट पर निर्भर न रहें। डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच करवाना बेहतर है।