नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में आयोजित एक चर्चा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में भारत के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का विषय “ग्राउंडिंग द फ्रंटियर: ए ग्लोबल साउथ AI फ्रेमवर्क” था।
मेरिडियन इंटरनेशनल सेंटर और प्राइमस पार्टनर्स की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल सहित AI, स्वास्थ्य, नीति और विकास क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।
श्रीवास्तव ने भारत की डिजिटल हेल्थ यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में काम किया जा सकता है। उन्होंने आधार आधारित डिजिटल ढांचे से लेकर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) और ABHA ID तक विकसित हुए डिजिटल हेल्थ सिस्टम का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था में डेटा की इंटरऑपरेबिलिटी और बड़े पैमाने पर तकनीक के इस्तेमाल से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सकता है। साथ ही AI आधारित समाधानों को स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुरूप विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं में AI का बढ़ता इस्तेमाल
चर्चा के दौरान AI आधारित क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट, लंबे समय के स्वास्थ्य रिकॉर्ड के विश्लेषण और बीमारी के संभावित हॉटस्पॉट की पहचान जैसे क्षेत्रों पर भी बात हुई। श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में AI के जिम्मेदार और प्रभावी इस्तेमाल के लिए नीति और तकनीकी ढांचे की जरूरत पर जोर दिया।
कार्यक्रम में ग्लोबल साउथ के देशों में AI के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं और विकास के परिणामों को बेहतर बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने ऐसे AI इकोसिस्टम विकसित करने की जरूरत बताई, जो समावेशी, जिम्मेदार, सुरक्षित और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप हों।