लखनऊ। दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक परिवारों के लिए गैस सिलेंडर की सब्सिडी के रूप में 1500 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की। लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर यह राशि सीधे संबंधित गैस कंपनियों को भेजी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 983.45 रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 335.40 रुपये की सब्सिडी दी जाती है। शेष 648.55 रुपये का भुगतान लाभार्थियों को करना पड़ता था। अब इस राशि का खर्च राज्य सरकार उठाएगी, जिससे उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दिवाली पर आर्थिक राहत मिलेगी।
किसानों के लिए जल्द आएगा विशेष आर्थिक पैकेज
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अल नीनो, जलवायु परिवर्तन, अतिवृष्टि, अनावृष्टि और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने के साथ ही प्रदेश के लगभग तीन करोड़ किसान परिवारों के लिए सरकार जल्द विशेष आर्थिक पैकेज लाने की तैयारी कर रही है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और स्वावलंबी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए जल्द ही एक विशेष पैकेज लाया जाएगा, जिससे महिलाएं रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार और समाज दोनों का विकास होगा।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले देश में भ्रष्टाचार और घोटालों की चर्चा होती थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उज्ज्वला योजना की शुरुआत के बाद गरीब परिवारों तक रसोई गैस कनेक्शन पहुंचाने का काम तेजी से हुआ है।
कानून व्यवस्था में सुधार का किया दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और असुरक्षा का माहौल रहता था, लेकिन अब प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि आज महिलाएं सुरक्षित वातावरण में काम कर रही हैं और व्यापारियों को भी बेहतर सुरक्षा मिल रही है।
मंडियों और श्रमिक अड्डों पर खुलेंगे अन्नपूर्णा भोजनालय
मुख्यमंत्री ने किसानों और श्रमिकों की सुविधा के लिए प्रदेश की मंडी समितियों और श्रमिक अड्डों पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने की घोषणा की। इन भोजनालयों में किसानों और श्रमिकों को टोकन मनी पर सम्मानजनक तरीके से भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही लखपति दीदी और बीसी सखी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रही है।