रायपुर । छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच धान खरीदी की तैयारियों और किसानों के पंजीयन को लेकर चिंता बढ़ गई है। राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर 13 अक्टूबर से जारी आंदोलन का असर राजस्व संबंधी कार्यों पर पड़ने की बात सामने आ रही है। आम आदमी पार्टी ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से पटवारियों की मांगों और किसानों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है।
आम आदमी पार्टी के अनुसार, पीवी (फिजिकल वेरिफिकेशन) ऐप में तकनीकी खामियों, वेतन विसंगति, पदोन्नति और पटवारियों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में यह आंदोलन जारी है। पार्टी का कहना है कि हड़ताल के कारण किसानों से जुड़े जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं, जिससे धान खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया पर भी असर पड़ने की आशंका है।
किसानों के भुगतान को लेकर उठाई आवाज
आम आदमी पार्टी ने किसानों को 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य देने और पूर्व बकाया राशि के रूप में 150 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान करने की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और लंबित राशि समय पर मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
कल सभी जिलों में सौंपा जाएगा ज्ञापन
इन मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी 29 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टर के माध्यम से छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगी। इसके साथ ही पार्टी की ओर से सभी लोकसभा क्षेत्रों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की भी घोषणा की गई है।
पार्टी ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि पटवारी संघ की मांगों पर बातचीत कर समाधान निकाला जाए और किसानों के पंजीयन तथा धान खरीदी से संबंधित कार्यों को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि पटवारियों की मांगों और किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान होना जरूरी है, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया प्रभावित न हो और किसानों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।