मासिक पत्रिका

छत्तीसगढ़-छत्तीसगढ़ी-छत्तीसगढ़िया

घर पर Ganpati Visarjan कैसे करें? बाल्टी-टब से लेकर पूजा तक जानें पूरी विधि

गणपति बप्पा की विदाई का समय आते ही भक्त विसर्जन की तैयारियों में जुट जाते हैं। हालांकि, अपार्टमेंट या फ्लैट में रहने वाले लोगों के लिए नदी, तालाब या किसी बड़े विसर्जन स्थल तक प्रतिमा ले जाना हमेशा आसान नहीं होता। ऐसे में घर पर ही गणेश जी का विसर्जन किया जा सकता है। इसके लिए एक साफ बाल्टी या बड़े टब की जरूरत होगी और कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा।

पहले गणपति बप्पा की करें विधिवत पूजा

विसर्जन से पहले भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें। बप्पा को फूल, दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं। इसके बाद दीपक जलाकर आरती करें। पूजा के दौरान हुई किसी भी भूल या कमी के लिए गणपति जी से क्षमा मांगें और श्रद्धा के साथ उनकी विदाई की तैयारी करें।

प्रतिमा के हिसाब से लें बाल्टी या टब

घर में विसर्जन के लिए ऐसा साफ और उपयुक्त आकार का टब या बाल्टी चुनें, जिसमें गणेश जी की प्रतिमा आसानी से रखी जा सके। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी भरें ताकि मिट्टी की प्रतिमा पूरी तरह पानी में डूब सके।

विसर्जन वाले स्थान को चाहें तो फूलों और दीपक से सजा सकते हैं। ध्यान रखें कि इस्तेमाल किया जाने वाला बर्तन साफ होना चाहिए और उसमें किसी तरह की गंदगी या केमिकल मौजूद न हो।

मंत्र और जयघोष के साथ दें विदाई

पूजा पूरी होने के बाद गणपति बप्पा को उनके आसन से सम्मानपूर्वक उठाएं और श्रद्धा के साथ पानी में रखें। इस दौरान गणेश मंत्र का जाप करते हुए बप्पा से अगले वर्ष फिर घर आने की प्रार्थना करें।

आप इस मंत्र का जाप कर सकते हैं—

“ॐ यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय मामकीम्। इष्टकामसमृद्धयर्थं पुनरपि पुनरागमनाय च॥”

इसके साथ “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” का जयघोष करते हुए गणेश जी को विदाई दें।

मूर्ति को जबरदस्ती न घोलें

अगर गणपति की प्रतिमा मिट्टी की है, तो उसे पानी में प्राकृतिक तरीके से घुलने दें। मूर्ति को जल्दी घोलने के लिए उसे तोड़ना, दबाना या किसी तरह की जबरदस्ती करना उचित नहीं है। प्रतिमा को पर्याप्त समय दें ताकि वह धीरे-धीरे पानी में विलीन हो सके।

विसर्जन के बाद पानी को कहां डालें?

प्रतिमा पूरी तरह घुल जाने के बाद बचे हुए पानी को सड़क या नाली में बहाने से बचें। इसे घर के गमलों, बगीचे या पेड़-पौधों की मिट्टी में डाला जा सकता है। इस तरह विसर्जन के बाद बची मिट्टी का भी बेहतर उपयोग हो सकेगा।

हालांकि, पानी में अगर फूल, प्लास्टिक, थर्माकोल या दूसरी सजावटी चीजें हों तो उन्हें अलग कर लें। इन चीजों को मिट्टी में मिलाने से पहले उनकी प्रकृति के अनुसार उचित तरीके से निपटान करें।

फूल-माला और सजावट का ऐसे करें इस्तेमाल

विसर्जन के दौरान फूल-माला और पूजा सामग्री को प्रतिमा के साथ पानी में डालने के बजाय अलग एकत्र करना बेहतर है। प्राकृतिक फूलों को कंपोस्ट या खाद बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

वहीं, प्लास्टिक, थर्माकोल और अन्य आर्टिफिशियल सजावटी सामान को दोबारा इस्तेमाल के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है या संबंधित कचरे के साथ उचित तरीके से डिस्पोज किया जा सकता है।

अपार्टमेंट में इन बातों का रखें ध्यान

घर पर विसर्जन करते समय फर्श पर पानी फैलने से बचने के लिए टब या बाल्टी के नीचे प्लास्टिक शीट या कोई वाटरप्रूफ मैट रख सकते हैं। साथ ही, प्रतिमा के आकार और वजन के हिसाब से ऐसा बर्तन चुनें जिसे आसानी से संभाला जा सके।

सबसे जरूरी बात यह है कि विसर्जन श्रद्धा और स्वच्छता के साथ किया जाए। घर पर गणपति विसर्जन करते समय स्थानीय सोसायटी के नियमों और पर्यावरण संबंधी दिशा-निर्देशों का भी ध्यान रखें।

Read Also:
0
Show Comments (0) Hide Comments (0)
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Recent Posts:
Share
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x