छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का स्थापना दिवस समारोह 14 अगस्त 2026, शुक्रवार को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी भाषा-साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों एवं भाषा सेवियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही आयोग द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन, साहित्यिक परिचर्चा और कवि सम्मेलन भी आयोजित होगा।
कार्यक्रम का आयोजन न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर स्थित कन्वेंशन हॉल में किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे पंजीयन एवं परिचय से होगी। इसके बाद सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रथम सत्र एवं उद्घाटन सत्र आयोजित होगा।समारोह में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में तथा **वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप खास अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
छत्तीसगढ़ी भाषा के सेवा करने वालों का होगा सम्मानस्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ी भाषा के क्षेत्र में योगदान देने वाले पांच साहित्यकारों एवं भाषा सेवियों को **‘मया चिन्हारी’ सम्मान** से सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वालों में—* श्री संजय पाण्डेय — सेवानिवृत्त उद्घोषक, आकाशवाणी* श्रीमती ज्योति सिंह — वरिष्ठ टीवी एंकर एवं पत्रकार* श्री समीर शुक्ला — सेवानिवृत्त कार्यक्रम अधिकारी, आकाशवाणी* श्री चेतन भारती — साहित्यकार, रायपुर* श्री चोवाराम वर्मा ‘बादल’ — साहित्यकार 11 पुस्तकों का होगा विमोचनछत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की ओर से 11 पुस्तकों का विमोचन भी समारोह के दौरान किया जाएगा। इनमें डॉ. परदेशी राम वर्मा की जनम अघास अउ उज्जर धरती, श्री रामनाथ साहू की हंसा, श्री नारायण प्रसाद वर्मा की चुरूवा भर के व्यास, श्री विशाल वैष्णव की ‘अनिच्छय’ रामायण भाग-4 (बालकर हनुमान) श्री सुरेश प्रसाद जायसवाल की बिलौती, श्री बंगाली प्रसाद ताम्रकर की कलम के नांगर, श्री जगदीश सोनी की समिलहा, श्री दिनेश चौहान की कहिनी अउ लोककथा, श्री रमेश विश्वहार की हम तो ममा राम के, पं. विजय कुमार पाण्डेय की सुन्दरकाण्ड तथा श्री हरिशंकर देवांगन की एक कहानी हाना के भाग दो शामिल हैं।इसके अलावा अतिथियों को **‘मया चिन्हारी’ सम्मान** से सम्मानित किया जाएगा।
बबा तुलसीदास के साहित्य म छत्तीसगढ़’ पर होगी परिचर्चादोपहर 1 बजे से 2 बजे तक द्वितीय सत्र/चर्चा गोष्ठी का आयोजन होगा। इस सत्र में ‘बबा तुलसीदास के साहित्य म छत्तीसगढ़’ विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा।परिचर्चा में प्रो. राजन यादव, अधिष्ठाता, कला संकाय एवं विभागाध्यक्ष, राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ तथा श्री संदीप अखिल, आध्यात्मिक चिंतक/सलाहकार एवं संपादक, न्यूज 24, भागवताचार्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।शाम तक चलेगा कवि सम्मेलनकार्यक्रम के तीसरे सत्र में दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आमंत्रित साहित्यकारों का छत्तीसगढ़ी कवि सम्मेलन एवं समापन सत्र** आयोजित किया जाएगा। कवि सम्मेलन का संचालन श्री विजय मिश्रा ‘अमित’, रायपुर करेंगे। आयोग के सचिव डॉ. अभिलाषा बहार एवं अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा सहित साहित्य, भाषा और संस्कृति से जुड़े अनेक गणमान्य लोग समारोह में उपस्थित रहेंगे।छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का यह स्थापना दिवस समारोह प्रदेश की छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक पहचान को समर्पित महत्वपूर्ण आयोजन के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें साहित्यकारों, भाषा प्रेमियों और आम नागरिकों की सहभागिता रहेगी।