मुंबई: महाराष्ट्र अन्न व औषध प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढ़े की सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वालों में हड़कंप मच गया है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई में भारी लापरवाही पाए जाने पर FDA ने राज्यभर में ताबड़तोड़ छापे मारे हैं।
1. बड़े पैमाने पर लाइसेंस निलंबन और जब्ती
- लाखों का अमानक सामान जब्त: विशेष जांच अभियान के दौरान राज्यभर से कुल 37,991.4 किलोग्राम संदेहास्पद और मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 54.66 लाख रुपये है।
- लाइसेंस सस्पेंड: मुंबई में 21 और 22 अक्टूबर को की गई औचक जांच के बाद 8 प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों (बेकरी, रेस्तरां और पिज्जा सेंटर) के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। इसके अलावा, छत्रपति संभाजीनगर में भी 2 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
2. मुंबई की जाँच में सामने आई गंभीर खामियाँ
अधिकारियों की जांच में रसोईघरों की जो तस्वीरें सामने आईं, वे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को उजागर करती हैं:
- रसोई और जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था में भारी गंदगी।
- बर्तनों और रैक में जंग लगा होना।
- बासी और पुरानी ब्रेड को नए ब्रेड में मिलाकर बेचना।
- खाद्य पदार्थों के भंडारण के लिए तापमान का उचित रिकॉर्ड न रखना।
- काम करने वाले कर्मचारियों के पास मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट का न होना।
- मिठाइयों में प्रतिबंधित और अनधिकृत रंगों (Unauthorized Food Colors) का इस्तेमाल।
3. मुंबई के बाहर भी ताबड़तोड़ छापे
यह कार्रवाई सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रही, बल्कि राज्य के अन्य शहरों में भी FDA की टीमें पूरी तरह मुस्तैद रहीं:
- नवी मुंबई: नेरुल स्थित ‘आरडीसी एग्रो वैचर्स’ से 33,286 किलो राजमा और अन्य दालें जब्त की गईं, जिनकी कीमत 50.05 लाख रुपये है। इन पर खराब गुणवत्ता और गलत लेबलिंग का संदेह है।
- नासिक: नासिक विभाग में खाद्य तेल, मक्खन और घी समेत 483.4 किलो सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 1.70 लाख रुपये है।
- छत्रपति संभाजीनगर: यहाँ 4,222 किलो गुड़ और सौंफ जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 2.91 लाख रुपये है।