पुणे: पुणे में जहरीली शराब पीने से हुई 19 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है। इस भयानक त्रासदी के बाद प्रशासन ने मिथेनॉल का कारोबार करने वाली कंपनियों के खिलाफ राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया, जिसके तहत पुणे विभाग की सभी कंपनियों की कुंडली खंगाली गई है।
1. 43 कंपनियों पर ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्रवाई
- 102 कंपनियों की जाँच पूरी: पुणे विभाग में मिथेनॉल से जुड़ी सभी 102 लाइसेंसधारी कंपनियों का पिछले चार महीनों से लगातार निरीक्षण और सत्यापन किया जा रहा था, जो अब पूरा हो चुका है।
- बड़ी कार्रवाई: नियमों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के चलते कुल 43 कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। इनमें से 28 कंपनियों के लाइसेंस निलंबित (Suspend) किए गए हैं, जबकि 15 कंपनियों के लाइसेंस पूरी तरह से रद्द (Cancel) कर दिए गए हैं।
2. चार महीने से चल रहा था विशेष अभियान
राज्य में मिथेनॉल से जुड़ी सबसे अधिक कंपनियां पुणे विभाग में ही स्थित हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र को विशेष निगरानी में रखा गया था। जहरीली शराब की घटना के बाद से ही FDA की टीमें हरकत में थीं ताकि यह पता लगाया जा सके कि खतरनाक रसायनों का अवैध या अनियंत्रित उपयोग कहाँ-कहाँ हो रहा है।
3. भंडारण और बिक्री पर कड़ी निगरानी
FDA का मुख्य जोर नए नियम बनाने के बजाय मौजूदा प्रावधानों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने पर है:
- मिथेनॉल के भंडारण (Storage), खरीद और बिक्री पर पैनी नजर रखी जा रही है।
- प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि कोई भी कंपनी तय नियमों के खिलाफ जाकर जनता की जान से खिलवाड़ न कर सके।
- FDA ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यह जांच और सत्यापन अभियान लगातार जारी रहेगा तथा लापरवाही मिलने पर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।