तमिलनाडु से प्रेरित फैब्रिक, टेंपल ज्वेलरी और गजरे के साथ ट्रेडिशनल केरलियन स्टाइल को मिल रहा नया अंदाज
ओणम का पारंपरिक फैशन अब सिर्फ सफेद और गोल्डन कसावु साड़ी तक सीमित नहीं रह गया है। ओणम 2026 में डिजाइनर्स पारंपरिक केरलियन लुक में तमिलनाडु से प्रेरित फैब्रिक, टेंपल ज्वेलरी, फ्लोरल गजरे और पुराने दौर के फैशन एलिमेंट्स को शामिल कर रहे हैं। इससे फेस्टिव फैशन को ट्रेडिशनल होने के साथ-साथ मॉडर्न और स्टाइलिश लुक मिल रहा है।
कसावु साड़ी को मिल रहा नया अंदाज
कसावु साड़ी आज भी ओणम के पारंपरिक पहनावे का सबसे अहम हिस्सा है, लेकिन अब इसमें कई तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं। नारायणपेट और सुंगुड़ी जैसे फैब्रिक को ओणम आउटफिट्स में शामिल किया जा रहा है। हैंडपेंटेड और कस्टमाइज्ड कसावु साड़ियां भी युवाओं को आकर्षित कर रही हैं।
टेंपल ज्वेलरी से बढ़ा ट्रेडिशनल ग्लैमर
ओणम के दौरान पारंपरिक आभूषणों का खास महत्व रहता है। इस बार डिजाइनर्स टेंपल ज्वेलरी, झुमके, नेकलेस और इलक्कथली जैसे पारंपरिक आभूषणों को मॉडर्न आउटफिट्स के साथ पेयर कर रहे हैं। इससे सादगी भरे ओणम लुक में रॉयल टच जुड़ रहा है।
गजरा बना फेस्टिव लुक की पहचान
कसावु साड़ी के साथ चमेली के फूलों का गजरा दक्षिण भारतीय फैशन की पुरानी पहचान है। सोशल मीडिया और सेलिब्रिटी स्टाइल ने इसे नए अंदाज में लोकप्रिय बनाया है। अब गजरे को पारंपरिक जूड़े के साथ-साथ अलग-अलग मॉडर्न हेयरस्टाइल में भी स्टाइल किया जा रहा है।
लाइटवेट साड़ी और मॉडर्न ब्लाउज का ट्रेंड
नई पीढ़ी की महिलाएं ऐसे आउटफिट पसंद कर रही हैं, जो खूबसूरत दिखने के साथ आरामदायक भी हों। हल्की मलमल और कॉटन साड़ियां, स्टाइलिश नेकलाइन तथा मॉडर्न स्लीव डिजाइन ओणम फैशन में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
क्यों खास है कसावु साड़ी?
सफेद और गोल्डन रंग की कसावु साड़ी केरल की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ी हुई है। इसकी गोल्डन बॉर्डर पारंपरिक जरी से तैयार की जाती है, जो साड़ी को बेहद सादगीपूर्ण लेकिन शाही लुक देती है।
परंपरा और आधुनिकता का खूबसूरत संगम
ओणम 2026 का फैशन यह दिखाता है कि परंपरा को बरकरार रखते हुए आधुनिक स्टाइल को भी अपनाया जा सकता है। कसावु साड़ी, गजरा और पारंपरिक ज्वेलरी जैसे क्लासिक एलिमेंट्स अब नए फैब्रिक, डिजाइनर ब्लाउज और मॉडर्न हेयरस्टाइल के साथ मिलकर ओणम के फेस्टिव लुक को नया और आकर्षक रूप दे रहे हैं।