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 सेवा संकल्प अभियान के तहत मोंगरा बैराज में जनभागीदारी से सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 500 से अधिक पौधों का रोपण, ‘नमो सेवा’ नुक्कड़ नाटक ने दिया सेवा और सुशासन का संदेश

प्रत्येक पौधा प्रकृति के संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक – जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह

रायपुर.

सेवा संकल्प अभियान के तहत मोंगरा बैराज में जनभागीदारी से सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में जनभागीदारी आधारित विभिन्न सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में अंबागढ़ चौकी के मोंगरा बैराज में ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण किया गया। वहीं ‘नमो सेवा’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘अनकही कहानियां’ संगीतमय नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर सेवा, सुशासन और जनकल्याण का संदेश दिया गया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत मोंगरा बैराज में जनभागीदारी से सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

*मोंगरा बैराज परिसर में लगाए गए 500 से अधिक पौधे*
        वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री अनिल मानिकपुरी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति त्रिपुरे, नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्री पवन गुप्ता, पूर्व विधायक श्री संजीव शाह, जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा सिंह, कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम, वनमंडलाधिकारी श्री अभिनव कुमार सहित जनप्रतिनिधियों, महाविद्यालयीन विद्यार्थियों, जिला स्तरीय अधिकारियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

सेवा संकल्प अभियान के तहत मोंगरा बैराज में जनभागीदारी से सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

      इस दौरान मोंगरा बैराज परिसर में 500 से अधिक पौधे लगाए गए। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा जिले में हरित क्षेत्र के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा का संकल्प भी लिया।

*‘एक पेड़ मां के नाम’ प्रकृति और भावनाओं से जुड़ा अभियान*
        जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ हमारी भावनाओं और संस्कारों से जुड़ा अभियान है। मां के सम्मान और स्मृति में लगाया गया प्रत्येक पौधा प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभाई जाए। उन्होंने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक जनभागीदारी से ही जिले को हराभरा और पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध बनाया जा सकता है।

*जलस्रोतों के संरक्षण के साथ बढ़ेगा हरित क्षेत्र – कलेक्टर तनुजा सलाम*
         कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। मोंगरा बैराज जैसे महत्वपूर्ण जलस्रोतों के आसपास वृक्षारोपण से हरित क्षेत्र का विस्तार होने के साथ पर्यावरण और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने नागरिकों से पौधा लगाने के साथ उसकी नियमित देखभाल को भी अपनी जिम्मेदारी मानने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, बेहतर पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य की नींव बन सकता है।

*नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सेवा और सुशासन का संदेश*
      मोंगरा बैराज परिसर में ‘नमो सेवा’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘अनकही कहानियां’ संगीतमय नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया गया। कलाकारों ने प्रभावी प्रस्तुति के माध्यम से सेवा, सुशासन, जनकल्याण तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच को आम नागरिकों तक पहुंचाने का संदेश दिया।

     नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने, अपने अधिकारों और दायित्वों के प्रति जागरूक रहने तथा विकास कार्यों में सक्रिय जनभागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने प्रस्तुति का उत्साहपूर्वक आनंद लिया तथा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

*सेवा से पर्यावरण संरक्षण तक, जनभागीदारी बनी अभियान की ताकत*
       मोंगरा बैराज में आयोजित दोनों कार्यक्रमों ने सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्य को जनभागीदारी के माध्यम से प्रभावी रूप से सामने रखा। एक ओर पौधरोपण के माध्यम से प्रकृति और जलस्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया, वहीं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सेवा, सुशासन और शासन की योजनाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

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