छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हमले के मामले में जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 10 आरोपियों को सजा सुनाई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, अदालत ने 5 सितंबर 2026 को झीरम घाटी हमले में शामिल CPI (माओवादी) के 10 कैडरों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
यह मामला 25 मई 2013 को दरभा इलाके की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर हुए माओवादी हमले से जुड़ा है। NIA के रिकॉर्ड के मुताबिक, हमले में 27 लोगों की मौत हुई थी और 38 लोग घायल हुए थे। हमले के दौरान माओवादियों ने सुरक्षाबलों के हथियार और अन्य सामान भी लूटे थे।
2013 में NIA ने संभाली थी जांच
हमले के बाद केंद्र सरकार के आदेश पर NIA ने 27 मई 2013 को मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। एजेंसी ने दरभा थाने में दर्ज FIR को अपने यहां फिर से दर्ज कर जांच शुरू की। सितंबर 2014 में नौ गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसके बाद सितंबर 2015 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की गई।
हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की हुई थी मौत
झीरम घाटी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान हुए इस हमले में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। यह हमला छत्तीसगढ़ में माओवादी हिंसा के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा है।
अब आगे क्या होगा?
विशेष अदालत के फैसले के बाद मामले में दोषी ठहराए गए लोगों के पास ऊपरी अदालत में फैसले को चुनौती देने का कानूनी रास्ता मौजूद रहेगा। ऐसे में विशेष अदालत का फैसला आने के बावजूद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है।
NIA के आधिकारिक रिकॉर्ड में झीरम घाटी मामले को RC-06/2013/NIA/DLI के रूप में दर्ज किया गया है।