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झीरम घाटी मामले में नए सिरे से जांच की मांग, AAP बोली- साजिश का सच सामने आए

रायपुर, 19 सितंबर 2026। झीरम घाटी कांड को लेकर सर्व आदिवासी समाज की ओर से की जा रही पुनर्जांच की मांग को आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने समर्थन दिया है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता बल्लू राम भवानी ने कहा कि एनआईए कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की मांग को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

सर्व आदिवासी समाज ने हाल ही में एनआईए कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। समाज की ओर से मामले में दोषी ठहराए गए 10 लोगों के परिजनों के दावों और झीरम कांड से जुड़े अन्य पहलुओं की दोबारा जांच की मांग उठाई गई है। कानूनी लड़ाई के लिए आदिवासी परिवारों से आर्थिक सहयोग जुटाने की भी तैयारी की जा रही है।

बल्लू राम भवानी ने कहा कि 25 मई 2013 को हुए झीरम घाटी हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी। उनका कहना है कि घटना की जांच के दौरान सामने आए सभी सवालों का स्पष्ट और निष्पक्ष तरीके से समाधान होना जरूरी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर के कुछ आदिवासी ग्रामीणों को मामले में गलत तरीके से फंसाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। AAP ने मांग की कि ऐसे दावों की भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत जांच की जाए और यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो उसके संबंध में उचित कानूनी राहत पर विचार किया जाए।

पार्टी ने यह भी कहा कि झीरम घाटी कांड से जुड़े कथित व्यापक षड्यंत्र, संदिग्ध भूमिकाओं और अन्य लंबित सवालों की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। साथ ही आत्मसमर्पित नक्सलियों को दिए गए पुनर्वास लाभों से जुड़े मामलों की भी नियमों के अनुसार समीक्षा किए जाने की मांग की गई है।

AAP ने राज्य और केंद्र सरकार से सर्व आदिवासी समाज की मांगों पर संज्ञान लेने तथा मामले से जुड़े सभी कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं की निष्पक्ष समीक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

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