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गोल्ड हॉलमार्किंग की फीस बढ़ी, अब ₹45 की जगह देने होंगे ₹75; जानें क्या होगा असर

सोना खरीदने वालों के लिए हॉलमार्किंग से जुड़ा अहम बदलाव हुआ है। गोल्ड आर्टिकल की हॉलमार्किंग फीस में 66.7 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। अब प्रति गोल्ड आर्टिकल हॉलमार्किंग के लिए ₹45 की जगह ₹75 शुल्क देना होगा। नई दर 14 सितंबर 2026 से लागू हो गई है।

वहीं, सिल्वर आर्टिकल की हॉलमार्किंग फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके लिए शुल्क ₹35 प्रति आर्टिकल ही रहेगा। गोल्ड कंसाइनमेंट के लिए न्यूनतम हॉलमार्किंग फीस ₹200 तय की गई है।

हॉलमार्किंग क्यों जरूरी है?

हॉलमार्किंग की मदद से आभूषण में इस्तेमाल की गई कीमती धातु की शुद्धता या फाइननेस का आधिकारिक सत्यापन होता है। गोल्ड ज्वैलरी के हॉलमार्क में BIS का लोगो, सोने की कैरेट/फाइननेस और छह अंकों का HUID शामिल होता है।

हॉलमार्किंग के लिए ज्वैलर आभूषण को BIS से मान्यता प्राप्त Assaying & Hallmarking Centre (A&H Centre) में भेजता है। वहां आभूषण की जांच के बाद तय मानकों के अनुरूप पाए जाने पर उस पर हॉलमार्क लगाया जाता है।

₹30 बढ़ी प्रति आर्टिकल लागत

नई दर लागू होने के बाद प्रत्येक गोल्ड आर्टिकल की हॉलमार्किंग लागत ₹30 बढ़ गई है। यह शुल्क आभूषण के वजन के आधार पर नहीं, बल्कि प्रति आर्टिकल लिया जाता है। यानी आभूषण हल्का हो या भारी, हॉलमार्किंग शुल्क निर्धारित दर के अनुसार ही लगेगा।

उदाहरण के तौर पर, 100 गोल्ड आर्टिकल की हॉलमार्किंग कराने पर पहले ₹4,500 शुल्क लगता था। अब इसी संख्या के लिए ₹7,500 शुल्क देना होगा। यानी 100 आर्टिकल पर कुल ₹3,000 अतिरिक्त लागत आएगी।

क्या ग्राहक को भी देना होगा अतिरिक्त पैसा?

हॉलमार्किंग फीस में बढ़ोतरी का मतलब यह जरूरी नहीं है कि हर ग्राहक के बिल में सीधे ₹30 जोड़ दिए जाएंगे। अतिरिक्त लागत को ज्वैलर खुद वहन कर सकता है या अपनी बिक्री कीमत में शामिल कर सकता है। इसलिए ग्राहक पर वास्तविक असर ज्वैलर की बिलिंग और कीमत तय करने की नीति पर निर्भर करेगा।

यह शुल्क सोने के बाजार भाव, मेकिंग चार्ज और वेस्टेज चार्ज से अलग होता है। हॉलमार्किंग शुल्क में मेकिंग और वेस्टेज चार्ज शामिल नहीं होते।

सोना खरीदते समय क्या देखें?

ग्राहकों को सोने के आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क और HUID की जांच करनी चाहिए। हॉलमार्क आभूषण की शुद्धता की पुष्टि करने में मदद करता है और खरीदारी में अतिरिक्त भरोसा देता है।

इसलिए सोने की ज्वैलरी खरीदते समय सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि BIS हॉलमार्क, कैरेट/फाइननेस और HUID की जानकारी भी जरूर जांचें।

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