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स्कूल जतन योजना में करोड़ों खर्च के बाद भी हजारों काम अधूरे क्यों , जांच के आदेश के दो साल बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं – अभिषेक मिश्रा

2,133 करोड़ से 29 हजार से अधिक स्कूलों में काम का दावा झूठा ,60% काम लंबित-अभिषेक मिश्रा, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष आप

रायपुर। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने छत्तीसगढ़ ने स्कूल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रदेश में बच्चों के लिए बेहतर स्कूल भवन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के नाम पर संचालित मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अनेक स्थानों पर काम अधूरे हैं और अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। वर्ष 2023 में तत्कालीन सरकार ने विधानसभा में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत प्रदेश के जर्जर स्कूलों की मरम्मत, जीर्णोद्धार और अतिरिक्त कमरों के निर्माण की जानकारी दी थी। मार्च 2023 के विधानसभा रिकॉर्ड में उस समय 11 हजार विद्यालय चिन्हित किए जाने की जानकारी दी गई थी।
वहीं अगस्त 2023 में योजना के तहत 2,133 करोड़ की लागत से 29 हजार से अधिक स्कूलों में कार्य कराने की घोषणा की गई थी। लेकिन योजना के क्रियान्वयन की जमीनी तस्वीर कई जगह बेहद चिंताजनक सामने आई। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 920 स्कूलों के कार्यों में केवल 295 कार्य पूर्ण हुए थे, जबकि 545 कार्य यानी लगभग 59 प्रतिशत काम अधूरे बताए गए थे।

अभिषेक मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जुलाई 2024 में स्कूल जतन योजना के वर्ष 2022-23 में स्वीकृत मरम्मत, जीर्णोद्धार और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों की जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने सभी कलेक्टरों को विशेषज्ञ समिति से कार्यों की औचित्य, आवश्यकता, पूर्णता और निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति की जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट देने को कहा था,यदि सरकार को 2024 में ही योजना के कार्यों की जांच की जरूरत महसूस हुई थी तो जांच की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? दोषपूर्ण और अधूरे कार्यों पर अब तक कितनी कार्रवाई हुई? कितने अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हुई?गरियाबंद जिले के मैनपुर में नवंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार 114 स्वीकृत कार्यों में सिर्फ 17 कार्य पूर्ण और 97 कार्य अधूरे पाए गए। एक प्राथमिक शाला के अतिरिक्त भवन के लिए 14 लाख स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं हुआ। स्थिति ऐसी रही कि स्कूल भवन का काम पूरा कराने के लिए पालकों को चंदा जुटाना पड़ा।कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना सहित अन्य मदों से 163 जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए करीब 6.63 करोड़ स्वीकृत हुए लेकिन काम अभी भी अधूरा है।

आम आदमी पार्टी के सवाल

  1. मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्वीकृत सभी कार्यों में से कितने पूर्ण, कितने अधूरे और कितने आज तक शुरू ही नहीं हुए?
  2. जुलाई 2024 में दिए गए जांच आदेश के बाद जिलेवार जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
  3. जांच में कितने कार्यों में गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी पाई गई और कितनी राशि की वित्तीय अनियमितता सामने आई?
  4. अधूरे कार्यों के बावजूद भुगतान करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई हुई?
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