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 दफ्तरों में कर्मचारियों की कमी होगी दूर, स्कूलों के लिपिक और भृत्यों की होगी प्रतिनियुक्ति

  • स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने संभागीय आयुक्त (कमिशनर) और जिला कलेक्टर कार्यालयों में कर्मचारियों की भारी कमी को देखते हुए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। नए निर्देशों के तहत अब आवश्यकता पड़ने पर स्कूलों में पदस्थ गैर-शैक्षणिक स्टाफ (लिपिक एवं भृत्य) को इन प्रशासनिक कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति (क्मचनजंजपवद) पर भेजा जा सकेगा।

*मूल पदों पर वापसी से प्रभावित हो रही थी व्यवस्था*

        विभिन्न जिलों में प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए स्कूलों के गैर-शैक्षणिक अमले को अस्थायी रूप से कलेक्टर व कमिशनर कार्यालयों में संलग्न किया गया था। हाल ही में जब इन कर्मचारियों को उनके मूल शैक्षणिक संस्थानों के लिए कार्यमुक्त किया गया, तो जिला व संभाग स्तरीय दफ्तरों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित होने लगा।

*प्रतिनियुक्ति के लिए प्रक्रिया तय*

        इस समस्या के समाधान के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार, यदि कलेक्टर या कमिश्नर कार्यालयों में कर्मचारियों की अत्यंत आवश्यकता है, तो वे अपने स्वीकृत सेटअप के रिक्त पदों के विरुद्ध लिपिक व भृत्यों की प्रतिनियुक्ति का प्रस्ताव भेज सकते हैं। यह प्रस्ताव सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग को अंतिम विचार हेतु भेजा जाएगा।

*स्कूलों की व्यवस्था न हो प्रभावित*

      शासन ने आदेश में यह स्पष्ट हिदायत भी दी है कि प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि कोई भी मूल शैक्षणिक संस्थान (स्कूल) पूरी तरह से कर्मचारी-विहीन न हो, ताकि वहां का प्रशासनिक व शैक्षणिक माहौल प्रभावित न हो।

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