मासिक पत्रिका

छत्तीसगढ़-छत्तीसगढ़ी-छत्तीसगढ़िया

पीएम मोदी को इजराइल से बड़ा कूटनीतिक बुलावा: स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल प्रज्वलन का मिला ऐतिहासिक न्योता

नई दिल्ली / यरुशलम: भारत और इजराइल के प्रगाढ़ होते कूटनीतिक रिश्तों के बीच इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर एक ऐतिहासिक और विशेष निमंत्रण दिया है। नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इजराइल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने और वार्षिक ‘सेलिब्रेटरी फ्लेम’ (मशाल प्रज्वलन) कार्यक्रम में हिस्सा लेने का आधिकारिक न्योता दिया है।

खास बात यह है कि इस निमंत्रण में फ्लाईदुबाई फ्लाइट के उस भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस से विमान के अपहरण (हाईजैक) की कोशिश को नाकाम कर दिया था।

📌 खबर के मुख्य बिंदु:

  • आधिकारिक आमंत्रण: पीएम नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पीएम मोदी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए इस बातचीत की पुष्टि की।
  • आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता: नेतन्याहू के अनुसार, पीएम मोदी ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि “हवा में हो या जमीन पर, भारत और इजराइल आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं।”
  • द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा: पीएम मोदी ने फोन कॉल की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में शांति और स्थिरता बहाली के मुद्दों पर चर्चा की।

🇮🇱 इजराइल में क्या है ‘मशाल प्रज्वलन’ का महत्व?

इजराइल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मशाल जलाने की परंपरा वहां का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मानी जाती है। यह अवसर किसी ऐसी हस्ती या विदेशी मेहमान को दिया जाता है जिसने देश या मानवता के लिए असाधारण योगदान दिया हो।

इजराइल का अगला स्वतंत्रता दिवस (हिब्रू कैलेंडर के अनुसार) 11 मई 2027 की शाम से 12 मई 2027 तक मनाया जाएगा।

🗳️ इजराइली चुनावों और कूटनीति के मायने

कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, बेंजामिन नेतन्याहू का यह कदम इजराइल में जारी चुनावी माहौल के बीच बेहद अहम माना जा रहा है।

  • मजबूत विदेश नीति का संदेश: नेतन्याहू इजराइली जनता के बीच अपनी उस छवि को भुनाना चाहते हैं, जिसमें वे दुनिया के शीर्ष नेताओं के साथ इजराइल के मजबूत रिश्तों का प्रदर्शन करते हैं।
  • भारत-इजराइल की नजदीकी: अपने कार्यकाल के दौरान नई दिल्ली और यरुशलम के ऐतिहासिक रूप से नजदीक आने को नेतन्याहू अपनी बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर पेश करते रहे हैं।
0
Show Comments (0) Hide Comments (0)
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Share
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x