नई दिल्ली:
सऊदी अरब के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और नागरिक ठिकानों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर भारत ने तीखी और स्पष्ट नाराजगी जाहिर की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
📌 घटना से जुड़ी मुख्य बातें:
- दम्मम एयरपोर्ट पर हमला: 21 अक्टूबर को दम्मम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य भारतीय घायल हो गए।
- शायबा तेल क्षेत्र में भी नुकसान: इसके अलावा, पूर्वी प्रांत स्थित सऊदी अरामको के शायबा तेल क्षेत्र (Shaybah Oil Field) पर हुए हमले में एक और भारतीय नागरिक के घायल होने की खबर है।
- दूतावास की मदद: रियाद स्थित भारतीय दूतावास लगातार सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीय नागरिकों तथा उनके परिवारों को हर संभव सहायता मुहैया कराई जा रही है।
🛑 भारत का आधिकारिक रुख:
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में दो टूक कहा है कि भारत सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता के लिए वहां की सरकार और जनता के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। मंत्रालय ने कहा:
“हम सऊदी अरब में नागरिकों और ऊर्जा अवसंरचना पर लगातार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। ऐसे कृत्य पूरी तरह से गलत हैं। हमें उम्मीद है कि इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।”
🔍 हमलों के पीछे किसका हाथ?
- हूती विद्रोहियों की भूमिका: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने किंगडम पर किए गए कुछ हमलों की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने अभी तक यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया है कि 21 अक्टूबर को दम्मम एयरपोर्ट पर हुए हमले के पीछे सटीक रूप से किसका हाथ था।
- शायबा ऑयल फील्ड पर ड्रोन हमला: सऊदी अधिकारियों का कहना है कि शायबा ऑयल फील्ड के पास एयर डिफेंस सिस्टम ने एक ड्रोन हमले को नाकाम किया था, जिसके गिरे हुए छर्रों की चपेट में आने से जान-माल का नुकसान हुआ है।
- इस महीने की दूसरी बड़ी घटना: गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक अन्य हमले में भी एक भारतीय नागरिक की जान चली गई थी, जिसके बाद भारत ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की थी।
फिलहाल स्थिति: विदेश मंत्रालय और रियाद में भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और सऊदी प्रशासन के साथ मिलकर पीड़ितों की सहायता में जुटा है।