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Morning Joint Stiffness: सुबह उठते ही जाम हो जाते हैं हाथ-पैरों के जोड़? हो सकता है गठिया का संकेत

नई दिल्ली। सुबह नींद से जागने के बाद हाथों, उंगलियों, घुटनों या पैरों के जोड़ों में अकड़न महसूस होना कई लोगों के लिए आम परेशानी है। कुछ देर चलने-फिरने के बाद यह समस्या कम हो जाती है, इसलिए लोग अक्सर इसे थकान या बढ़ती उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर सुबह की अकड़न बार-बार हो, लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ दर्द और सूजन भी हो, तो यह जोड़ों से जुड़ी किसी बीमारी का संकेत हो सकती है।

हर साल 12 अक्टूबर को विश्व गठिया दिवस यानी वर्ल्ड आर्थराइटिस डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य गठिया और मांसपेशियों व जोड़ों से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि सुबह होने वाली जोड़ों की अकड़न के पीछे क्या कारण हो सकते हैं और कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

सुबह के समय जोड़ों में अकड़न क्यों होती है?

रात में लंबे समय तक एक ही स्थिति में सोने के कारण जोड़ों को पर्याप्त मूवमेंट नहीं मिल पाता। ऐसे में सुबह उठने पर कुछ समय के लिए अकड़न महसूस हो सकती है। इसके अलावा जोड़ों पर अधिक दबाव, पुरानी चोट और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी स्थितियां भी इसकी वजह बन सकती हैं।

वहीं, रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी सूजन से जुड़ी बीमारी में सुबह की अकड़न ज्यादा देर तक रह सकती है। अगर रोजाना उठने के बाद उंगलियों या घुटनों को मोड़ने में परेशानी होती है, तो इसे केवल सामान्य थकान समझकर टालना ठीक नहीं है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटॉइड आर्थराइटिस में क्या है अंतर?

ऑस्टियोआर्थराइटिस: यह गठिया का एक आम प्रकार है, जिसमें जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है। इससे घुटनों, कूल्हों और हाथों के जोड़ों में दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। इसमें सुबह की अकड़न आमतौर पर थोड़ी देर में कम हो जाती है, हालांकि लंबे समय तक बैठने के बाद भी परेशानी हो सकती है।

रूमेटॉइड आर्थराइटिस: यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से जोड़ों की अंदरूनी परत पर हमला करने लगती है। इससे जोड़ों में दर्द, सूजन और लंबे समय तक अकड़न हो सकती है। अक्सर हाथों और पैरों के छोटे जोड़ों पर दोनों तरफ असर पड़ता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर जोड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

सुबह की अकड़न के साथ कुछ अन्य लक्षण दिखाई दें, तो उनकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

  • जोड़ों में बार-बार दर्द या सूजन होना।
  • उंगलियों को मोड़ने या मुट्ठी बनाने में परेशानी होना।
  • जोड़ों में गर्माहट या छूने पर दर्द महसूस होना।
  • सुबह उठने के बाद अकड़न 30 मिनट या उससे ज्यादा समय तक बने रहना।
  • दोनों हाथों या पैरों के जोड़ों में एक साथ परेशानी होना।
  • लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना।

सुबह 30 मिनट से अधिक समय तक अकड़न बने रहना सूजन वाले गठिया का संकेत हो सकता है, लेकिन केवल इस लक्षण से बीमारी की पुष्टि नहीं होती। सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

जोड़ों की अकड़न से राहत पाने के लिए क्या करें?

सुबह उठने के बाद हल्के-हल्के हाथ-पैर चलाना और आरामदायक गति से जोड़ों को मूव करना मददगार हो सकता है। नियमित हल्का व्यायाम, बीच-बीच में बैठने की स्थिति बदलना और शरीर को सक्रिय रखना भी उपयोगी है। दर्द बढ़ने पर जोड़ों पर जोर डालने या जबरदस्ती व्यायाम करने से बचें।

अगर अकड़न बार-बार हो रही है, रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं या दर्द और सूजन लगातार बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लें। वहीं, किसी जोड़ में अचानक तेज दर्द, अधिक सूजन और गर्माहट के साथ बुखार आए, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

कब जरूरी है डॉक्टर से जांच कराना?

सुबह की अकड़न कभी-कभी सामान्य कारणों से भी हो सकती है, लेकिन लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और सही इलाज से दर्द को नियंत्रित करने, जोड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखने और बीमारी से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।

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