मासिक पत्रिका

छत्तीसगढ़-छत्तीसगढ़ी-छत्तीसगढ़िया

‘दाऊद 1993 से वांछित आतंकी, दावों पर दें जवाबदेही’: UN में भारत ने बेन साउल की रिपोर्ट की तथ्यात्मक त्रुटियों को घेरा

भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में आतंकवाद के मुद्दे पर एक बार फिर दो टूक अंदाज में अपनी बात रखी है। बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में आतंकवाद विरोधी रिपोर्ट में पक्षपात और तथ्यात्मक त्रुटियों को लेकर UN के रिपोर्टरों की कड़ी आलोचना की गई। भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में निष्पक्षता के उच्च मानकों का पालन किया जाना चाहिए और सदस्य देशों के सामने गलत या अधूरी जानकारी पेश करना अस्वीकार्य है।

दाऊद इब्राहिम और डी-कंपनी के संदर्भ पर आपत्ति यह पूरा विवाद संयुक्त राष्ट्र के रिपोर्टर बेन साउल की उस रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें दाऊद इब्राहिम को केवल “भारत स्थित डी-कंपनी आपराधिक गिरोह का नेता” बताया गया था। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए भारतीय प्रथम सचिव रघु पुरी ने UN महासभा में कहा कि दाऊद 1993 के मुंबई हमलों के बाद से भारत में वांछित आतंकवादी है।

उन्होंने याद दिलाया कि 2003 में सुरक्षा परिषद द्वारा उसे अल-कायदा से संबंधों के कारण सूचीबद्ध किया गया था, और वह बहुत पहले ही भारत से भागकर उसी देश में शरण लिए हुए है, जहां ओसामा बिन लादेन को पकड़ा और मार गिराया गया था। भारत ने इस बात पर दुख जताया कि रिपोर्ट में इन महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और आधिकारिक तथ्यों का उल्लेख न करना वास्तविकता से अलग तस्वीर पेश करता है, जो विशेष अधिकारियों की अक्षमता को दर्शाता है।

मानवाधिकारों के आड़ में आतंकवाद को जायज ठहराने पर हमला भारतीय राजनयिक ने कड़े शब्दों में कहा कि आतंकवाद के प्रायोजकों के लिए मानवाधिकारों और आतंकवाद-विरोधी ढांचे का इस्तेमाल अपने कुकर्मों को छिपाने का एक साधन बनता जा रहा है। मानवाधिकारों का ढांचा कभी भी आतंकवादियों और उग्रवादियों का बचाव करने का जरिया नहीं बन सकता। इसके अलावा, भारत ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणियों की भी कड़ी निंदा करते हुए दोहराया कि आतंकवाद मानवता के खिलाफ अपराध है और इसे किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

Read Also:
0
Show Comments (0) Hide Comments (0)
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Share
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x