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राज्य नीति आयोग में गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने किया ध्वजारोहण, अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प

रायपुर,

राज्य नीति आयोग में गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
राज्य नीति आयोग में गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षाेल्लास एवं गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। समारोह में आयोग के सदस्य डॉ. सुब्रमण्यम, सदस्य सचिव श्री आशीष कुमार भट्ट सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस वर्ष राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में समारोह का महत्व और भी बढ़ गया।

राज्य नीति आयोग में गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

इस अवसर पर उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि 15 अगस्त केवल एक तिथि नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव, बलिदान और स्वाभिमान का प्रतीक है। आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, वह असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और सर्वाेच्च बलिदान का परिणाम है। हमें उनके संघर्ष और आदर्शों को सदैव स्मरण रखते हुए उनके दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी, लेकिन आज हमारे सामने इस स्वतंत्रता को समृद्धि में परिवर्तित करने का बड़ा दायित्व है। स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम सब मिलकर एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र का निर्माण करें, जिसमें विकास का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।

उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने कहा कि ‘विकसित भारत /2047’ के राष्ट्रीय संकल्प की प्राप्ति में राज्य नीति आयोग महत्वपूर्ण एवं मार्गदर्शक भूमिका निभा रहा है। आयोग राज्य की नीतियों, योजनाओं और विकास लक्ष्यों को दिशा प्रदान करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण दायित्व की पूर्ति में आयोग के प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की सहभागिता और समर्पण आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक संकल्प और निरंतर प्रयासों से वर्ष 2047 तक विकसित एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त किया जा सकता है।

आयोग के सदस्य डॉ. सुब्रमण्यम ने कहा कि हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी सदैव स्मरण रखना चाहिए। सशक्त एवं विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए अधिकार और कर्तव्य के बीच संतुलन अत्यंत आवश्यक है। यही सच्चे नागरिक धर्म की पहचान है।

सदस्य सचिव श्री आशीष कुमार भट्ट ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा में प्रत्येक व्यक्ति को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहिए। उन्होंने आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आग्रह किया।

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन किया। इस दौरान सभी ने राष्ट्र के विकास एवं विकसित छत्तीसगढ़ की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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