उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के बीच शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। बदरीनाथ धाम से फाटा लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का एक हेलीकॉप्टर चमोली जिले के हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, दुर्घटनास्थल से सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पवार ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस, एसडीआरएफ और सेना की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं। दुर्गम पहाड़ी इलाके से शवों को सड़क तक लाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। राहत और बचाव कार्य में आईटीबीपी की टीम भी जुटी हुई है।
हेलीकॉप्टर में सवार थे छह लोग
जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर में पायलट हिमांशु के अलावा पांच यात्री सवार थे। यात्रियों की पहचान प्रथापा, अरुण सालुंके, शंकरगौड़ा वीजी, सुधीर के और एचएस नागाराजा के रूप में हुई है। सभी यात्रियों के बेंगलुरु का निवासी होने की जानकारी सामने आई है।
उड़ान के 15 मिनट बाद टूटा संपर्क
बताया गया है कि ट्रांस भारत एविएशन के ‘HCX’ हेलीकॉप्टर ने शुक्रवार दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर बदरीनाथ धाम से उड़ान भरी थी। इसे देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड पहुंचना था। उड़ान के करीब 15 मिनट बाद हेलीकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और रेडियो टेलीफोनी (RT) से संपर्क टूट गया। इसके बाद हेलीकॉप्टर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
सेना की टीम ने देखा धुआं
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सेना के सिग्नल सेंटर की एक टीम ने हेलीकॉप्टर से धुआं निकलते देखा था। टीम ने उसे तेजी से नीचे की ओर आते हुए भी देखा। इसके बाद हाथी पर्वत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। इसकी आखिरी लोकेशन जोशीमठ के चाई गांव के पास बताई गई है।
बर्फबारी के कारण रेस्क्यू में परेशानी
हादसे वाली जगह के आसपास की पहाड़ियों पर हल्की बर्फबारी हो रही थी। दुर्गम इलाका और मौसम की चुनौती राहत-बचाव अभियान में मुश्किलें पैदा कर रहे थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आशंका जताई गई कि हेलीकॉप्टर किसी चट्टान से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हालांकि, हादसे की असल वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सीएम धामी ने जताया दुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि चाई गांव, जोशीमठ के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली है। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहे हैं।