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भखारा में बैंक ऑफ बड़ौदा का मेगा क्रेडिट कैंप आयोजित

476 प्रकरणों में लगभग 32 करोड़ रुपए की ऋण सहायता से कृषि, महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण उद्यमिता को मिला संबल

आगामी दिनों में धमतरी में वृहद लोन मेला का भी  होगा आयोजन-कलेक्टर श्री मिश्रा

धमतरी, जिले के भखारा में बैंक ऑफ बड़ौदा, धमतरी द्वारा बुधवार को मेगा क्रेडिट कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में किसानों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, उद्यमियों तथा कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े हितग्राहियों को विभिन्न बैंकिंग एवं ऋण सुविधाओं से लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर कृषि गतिविधियों, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करना रहा।
      मेगा क्रेडिट कैंप में कुल 476 ऋण प्रकरणों में लगभग 32 करोड़ रुपए की ऋण सहायता स्वीकृत/वितरित किए जाने की जानकारी दी गई। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा नारी शक्ति योजना के 34 प्रकरणों में 84 लाख रुपए, केसीसी के 211 प्रकरणों में 6 करोड़ रुपए, स्वयं सहायता समूहों के 155 प्रकरणों में 5 करोड़ रुपए तथा ट्रैक्टर, हार्वेस्टर सहित कृषि टर्म लोन के 69 प्रकरणों में 5 करोड़ रुपए शामिल हैं। इसके अलावा फूड एवं एग्रो प्रोसेसिंग से संबंधित 7 प्रकरणों में 16 करोड़ रुपए की ऋण राशि का उल्लेख है।
       कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री अभिनाश मिश्रा ने कहा कि बैंकिंग संस्थाओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित ऐसे क्रेडिट कैंप वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों, महिलाओं और स्थानीय उद्यमियों के लिए आर्थिक अवसरों का विस्तार करते हैं। 
      उन्होंने हितग्राहियों से ऋण राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उत्पादक गतिविधियों में करते हुए अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिले में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के साथ प्रसंस्करण, स्वरोजगार और छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में वित्तीय संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि आगामी दिनों में धमतरी में वृहद लोन मेला का भी आयोजन किया जाएगा। इसके पहले 15 सितंबर को जिंजर लीफ में लोन मेला आयोजित होगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को सहज एवं पर्याप्त ऋण सुविधा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होते हैं। उन्होंने हितग्राहियों को बैंकिंग सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा वित्तीय अनुशासन के साथ अपने उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
       कैंप में बैंक अधिकारियों द्वारा विभिन्न ऋण योजनाओं, पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों तथा डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम ने बैंकिंग सेवाओं को ग्रामीण समुदाय के और करीब लाने तथा जरूरतमंद हितग्राहियों को संस्थागत वित्तीय सहायता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी उपयोगिता स्थापित की।

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