तिमाही पत्रिका

छत्तीसगढ़-छत्तीसगढ़ी-छत्तीसगढ़िया

 राखी से पहले महतारी वंदन की 30वीं किस्त बनी खुशियों का उपहार

नंदिनी बोलीं- विष्णु भैया ने त्योहार की खुशियां दोगुनी कर दीं

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनकर उभरी है। रक्षाबंधन से पहले योजना की 30वीं किस्त हितग्राहियों के खातों में पहुंचने से लाखों परिवारों में त्योहार की खुशियां और बढ़ गई हैं। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम हर्रा की रहने वाली नंदिनी राय भी ऐसी ही लाभार्थी हैं, जिनके लिए इस बार महतारी वंदन योजना की राशि राखी का सबसे बड़ा उपहार बनकर आई है।

नंदिनी राय को योजना के तहत अब तक 30 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। रक्षाबंधन से पहले 30वीं किस्त मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस राशि से वे राखी, मिठाई और घर की आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगी। उन्होंने कहा, ‘विष्णु भैया ने राखी से पहले ही हमारी खुशियां बढ़ा दीं। यह राशि त्योहार के साथ-साथ बच्चों और परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में भी बहुत काम आती है।’’
नंदिनी बताती हैं कि त्योहारों के समय घरेलू खर्च स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। ऐसे समय में हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता परिवार के लिए बड़ा सहारा बन जाती है। इससे न केवल आर्थिक दबाव कम होता है, बल्कि महिलाएं अपनी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर हुए बिना स्वयं निर्णय भी ले पाती हैं। उन्होंने बताया कि पहले छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब महतारी वंदन योजना की नियमित राशि से वे बच्चों की जरूरतों, घरेलू सामान, शिक्षा, स्वास्थ्य और त्योहारों से जुड़े खर्चों में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रही हैं। इससे उनके आत्मविश्वास और आत्मसम्मान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

नंदिनी राय ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का मजबूत माध्यम है। उन्होंने मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना भी की।
प्रदेश में महतारी वंदन योजना का प्रभाव अब केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सहभागी बनाकर आत्मनिर्भरता की नई दिशा दे रही है। नंदिनी राय की कहानी इस बात का प्रमाण है कि नियमित आर्थिक सहयोग किस प्रकार परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव ला सकता है। रक्षाबंधन से पहले मिली 30वीं किस्त ने उनके घर में खुशियों की मिठास और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ा दिया है।

0
Show Comments (0) Hide Comments (0)
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Recent Posts:
Share
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x