भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 5 अगस्त का दिन महान क्रिकेटर लाला अमरनाथ की याद दिलाता है। आज उनकी पुण्यतिथि है। लाला अमरनाथ को भारत के पहले टेस्ट शतक लगाने वाले बल्लेबाज और आजाद भारत के पहले टेस्ट कप्तान के रूप में हमेशा याद किया जाता है। उन्होंने अपने खेल, नेतृत्व और योगदान से भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी।
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परिवार एवं शुरुआती जीवन
लाला अमरनाथ का जन्म 11 सितंबर 1911 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। बचपन में ही उन्होंने अपनी मां को खो दिया था और उनका पालन-पोषण उनकी बुआ ने लाहौर में किया। आर्थिक परेशानियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने क्रिकेट खेलने का सपना नहीं छोड़ा। उस समय अच्छी ट्रेनिंग की सुविधाएं भी नहीं थीं, लेकिन उन्होंने स्थानीय मैदानों में कड़ी मेहनत कर के अपनी पहचान बनाई।
निजी जिंदगी और तीन होनहार बेटे
लाला अमरनाथ की निजी जिंदगी भी क्रिकेट से जुड़ी रही। उन्होंने कैलाश कुमारी से शादी की और उनके तीन बेटे मोहिंदर अमरनाथ, सुरिंदर अमरनाथ और राजिंदर अमरनाथ हुए। मोहिंदर और सुरिंदर ने भी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। खास तौर पर मोहिंदर अमरनाथ ने 1983 विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाकर परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया।
Lala Amarnath bowling during India’s tour of England in 1946
लाला अमरनाथ (सोर्स- सोशल मीडिया)
लाला अमरनाथ का क्रिकेट सफर
साल 1933 में इंग्लैंड के खिलाफ बॉम्बे जिमखाना में खेले गए टेस्ट मैच में उन्होंने 118 रन की शानदार पारी खेली। इसके साथ ही वो टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए। ये उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी। साल 1947 में देश को आजादी मिलने के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी गई। वो आजाद भारत के पहले टेस्ट कप्तान बने। उनकी कप्तानी और आक्रामक सोच ने भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाई।
साल 1952 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी लाला अमरनाथ खेल से जुड़े रहे। उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ता, टीम मैनेजर और कोच के रूप में काम किया। इसके अलावा वो भारत के शुरुआती और लोकप्रिय रेडियो क्रिकेट कमेंटेटरों में भी शामिल रहे। उनकी बेबाक राय और क्रिकेट की गहरी समझ के कारण उन्हें काफी सम्मान मिला।
लाला अमरनाथ के टेस्ट क्रिकेट के आंकड़े-
| श्रेणी | आंकड़े |
|---|---|
| मैच | 24 |
| पारियां | 40 |
| रन | 858 |
| सर्वोच्च स्कोर | 118 |
| बल्लेबाजी औसत | 24.51 |
| शतक / अर्धशतक | 1 / 4 |
| विकेट | 55 |
| सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी | 9/65 |
| गेंदबाजी औसत | 32.91 |
प्रथम श्रेणी क्रिकेट (घरेलू करियर) के आंकड़े-
| श्रेणी | आंकड़े |
|---|---|
| मैच | 186 |
| रन | 10,426 |
| सर्वोच्च स्कोर | 262 |
| बल्लेबाजी औसत | 41.37 |
| शतक | 31 |
| विकेट | 463 |
| सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी | 7/14 |
| गेंदबाजी औसत | 22.94 |
साल 1991 में भारत सरकार ने उन्हें देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया। 5 अगस्त 2000 को नई दिल्ली में 88 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद भी उनका योगदान भारतीय क्रिकेट में हमेशा जीवित है।
आज भी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को लाला अमरनाथ पुरस्कार देकर सम्मानित करता है। उनकी पुण्यतिथि भारतीय क्रिकेट के उस महान खिलाड़ी को याद करने का अवसर है, जिसने भारत को टेस्ट क्रिकेट में पहली बड़ी पहचान दिलाई।