चमोली के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा अधिकारियों एवं बचाव दलों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनल हादसे के बाद राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेने के लिए पिपलकोटी के THDC गेस्ट हाउस में एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टनल के अंदर फंसे बाकी तीन मजदूरों को निकालने का काम तेजी से किया जाए और इसके लिए सभी उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जाए।
चमोली टनल हादसे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “बचाव कार्य चल रहा है। कुल 22 लोगों में से 19 लोगों को बचा लिया गया है। घायल लोगों का इलाज चल रहा है। हमारे लिए हर जान कीमती है। मैंने इस घटना की वजह का पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए हैं। किसी भी तरह की लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हमने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। निर्माण कार्यों में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।”
मुख्यमंत्री ने टनल के अंदर जाकर बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया और रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों से मौके पर आवश्यक जानकारी ली। टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी टीमों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा टनल में फंसे शेष 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू अभियान के साथ-साथ घायलों के उपचार, परिजनों की सहायता एवं घटनास्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने बचाव दलों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अभियान को पूरी गंभीरता एवं सावधानी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को घटनाक्रम, अब तक किए गए रेस्क्यू तथा मौके पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से अब तक 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि शेष 3 लोगों की तलाश एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।
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घटना में अभी तक 7 लोगों की दुखद मृत्यु की सूचना है। रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है, जहां स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका उपचार एवं स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री एवं प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी, सभासद राजा जोशी, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, चंद्रशेखर वशिष्ठ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।