नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई को लेकर कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के बाद अब मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने अदालत से तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए रात में ही मामले पर विचार करने की अपील की है।
रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने दोनों नेताओं की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उनका कहना है कि राजनीतिक कारणों से किसी की स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होनी चाहिए और मामले में न्याय मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए।
रत्ना सिंह ने कहा—स्वतंत्रता से समझौता नहीं होना चाहिए
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने अपनी पोस्ट में सौरव दास और आशुतोष रांका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को एक मिनट भी जेल में नहीं रहना चाहिए और उनकी स्वतंत्रता पर राजनीतिक गतिविधियों के कारण रोक नहीं लगनी चाहिए।
उन्होंने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए न्याय में देरी न होने की बात कही। अब इस मामले में हाई कोर्ट की कार्यवाही और संभावित आदेश पर नजर बनी हुई है।
SEM कोर्ट ने दो दिन बढ़ाई थी न्यायिक हिरासत
इससे पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिनों के लिए बढ़ा दी थी। इस फैसले के बाद दोनों नेताओं ने आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी और जल्द सुनवाई की मांग की।
रिपोर्ट के अनुसार, SEM कोर्ट ने अपने आदेश में दोनों नेताओं के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी। अदालत ने कहा था कि उनके आचरण से शांति और व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
अब हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें
न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के आदेश को चुनौती दिए जाने के बाद अब मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। CJP की ओर से तत्काल सुनवाई की मांग की गई है, ताकि दोनों नेताओं की हिरासत और रिहाई से जुड़े मुद्दों पर जल्द विचार हो सके।
हालांकि, फिलहाल हाई कोर्ट के अंतिम आदेश या दोनों नेताओं की रिहाई को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है। आगे की स्थिति अदालत की सुनवाई और उसके निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।