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Aaj Sone Ka Bhav: देश में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट से खरीदारों का ध्यान एक बार फिर कीमती धातुओं के बाजार पर है। 17 अक्टूबर की सुबह दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,580 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जबकि मुंबई में इसका भाव 1,47,430 रुपये रहा। वहीं, चांदी की कीमत घटकर 2,29,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। इस सप्ताह सोने के भाव में करीब 4,500 रुपये और चांदी में लगभग 13,500 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।

कीमतों में आए इस बदलाव के बीच अगर आप सोने के आभूषण या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो अलग-अलग शहरों के ताजा भाव जानना आपके लिए जरूरी है।

दिल्ली से मुंबई तक 22 और 24 कैरेट सोने के भाव

देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। 17 अक्टूबर की सुबह उपलब्ध दरों के मुताबिक, दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,47,580 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,35,290 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया।

वहीं, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, पुणे और बेंगलुरु में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,430 रुपये और 22 कैरेट सोने का भाव 1,35,140 रुपये प्रति 10 ग्राम बताया गया है।

ध्यान रखें कि ये बाजार में बताए गए भाव हैं। ज्वेलरी खरीदते समय इन कीमतों के अलावा मेकिंग चार्ज और लागू जीएसटी देना पड़ सकता है। इसलिए दुकान पर आभूषण की अंतिम कीमत अलग हो सकती है।

एक सप्ताह में सोना करीब 4,500 रुपये हुआ सस्ता

सोने की कीमतों में इस सप्ताह उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है। घरेलू हाजिर बाजार में सोना करीब 4,500 रुपये यानी लगभग 3 प्रतिशत नीचे आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा और हाजिर भाव करीब 4,165.12 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया।

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे कई वजहें होती हैं। इनमें अमेरिकी डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, वैश्विक आर्थिक हालात और निवेशकों की खरीदारी प्रमुख हैं। इसके अलावा भारतीय बाजार में रुपये की विनिमय दर और आयात शुल्क का भी असर पड़ता है।

चांदी भी 13,500 रुपये तक फिसली

सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी इस सप्ताह बड़ी कमजोरी दर्ज की गई। घरेलू बाजार में 17 अक्टूबर की सुबह चांदी का भाव करीब 2,29,900 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। सप्ताह के दौरान इसकी कीमत में लगभग 13,500 रुपये यानी करीब 6 प्रतिशत की गिरावट आई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव लगभग 57.05 डॉलर प्रति औंस बताया गया। चांदी की कीमतों पर निवेश की मांग के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली खपत का भी असर पड़ता है।

सोने-चांदी के आयात में भी आई कमी

भारत में सोने और चांदी के आयात में भी गिरावट दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में सोने का आयात 81.27 प्रतिशत घटकर लगभग 1.8 अरब डॉलर रह गया। इसी दौरान चांदी का आयात 49.11 प्रतिशत कम होकर करीब 66.50 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के बीच सोने का आयात 27.32 प्रतिशत घटकर 19.27 अरब डॉलर और चांदी का आयात 25.17 प्रतिशत गिरकर करीब 2.4 अरब डॉलर रहा।

आयात में कमी के पीछे सीमा शुल्क में बदलाव, घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की स्थिति जैसे कारक हो सकते हैं।

आयात शुल्क और वैश्विक बाजार का कीमतों पर असर

सोने और चांदी के घरेलू भाव तय होने में अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ आयात शुल्क, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और स्थानीय मांग की अहम भूमिका रहती है। आयात शुल्क बढ़ने से विदेश से कीमती धातुएं खरीदने की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।

हालांकि, केवल आयात शुल्क के आधार पर कीमतों की दिशा का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। वैश्विक बाजार में तेजी या गिरावट और निवेशकों का रुख भी महत्वपूर्ण होता है।

सोना-चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में भाव की पुष्टि जरूर करें। सोने की शुद्धता, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और बिल में दर्ज अंतिम कीमत की जांच करना भी जरूरी है।

कीमतों में गिरावट के बावजूद भविष्य में सोना-चांदी और सस्ता होगा या महंगा, यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। बाजार में निवेश या खरीदारी का फैसला अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से लेना बेहतर है।

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