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गडकरी की चीनी मिलों को बड़ी सलाह, बोले- सिर्फ चीनी पर निर्भर न रहें

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने चीनी मिलों से गन्ने से केवल चीनी बनाने के बजाय इसके उप-उत्पादों पर भी ध्यान देने की अपील की है। नई दिल्ली में नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज के वार्षिक पुरस्कार समारोह में उन्होंने कहा कि एथनॉल, सीबीजी और बिजली जैसे उत्पादों के जरिए मिलें अपनी आय बढ़ा सकती हैं।

रिकवरी बढ़ाने से बढ़ सकती है आय

गडकरी ने कहा कि चीनी की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार और खासकर ब्राजील के उत्पादन का असर पड़ता है। ऐसे में केवल चीनी कारोबार पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने मिलों को चीनी रिकवरी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, रिकवरी में एक फीसदी सुधार से सालाना 50-60 हजार करोड़ रुपये तक अतिरिक्त आय की संभावना बन सकती है।

बगास से बिजली की जगह सीबीजी पर जोर

गडकरी ने कहा कि चीनी मिलों में बगास से बिजली बनाने के बजाय सीबीजी उत्पादन पर भी विचार किया जाना चाहिए। सरकार बायोमास से सीबीजी बनाने को बढ़ावा दे रही है और इसके लिए बांस, बगास, नेपियर घास और धान के पुआल जैसे कच्चे माल के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

गन्ने के रस से एथनॉल बनाने की सलाह

उन्होंने बंद चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने के लिए गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनाने वाली परियोजनाओं पर ध्यान देने की बात कही। गडकरी ने कहा कि मिलों को चीनी के साथ-साथ एथनॉल और दूसरे वैल्यू-एडेड उत्पादों पर काम करना चाहिए।

देश में 1,908 सीबीजी प्लांट पंजीकृत

गडकरी के अनुसार, देश में अब तक 1,908 सीबीजी प्लांट पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 132 प्लांट चालू हैं और 340 निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि गन्ने के उप-उत्पादों का बेहतर इस्तेमाल मिलों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ किसानों को बेहतर भुगतान की क्षमता भी बढ़ा सकता है।

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