तिमाही पत्रिका

छत्तीसगढ़-छत्तीसगढ़ी-छत्तीसगढ़िया

डिजिटल दुनिया में बेटियों की सुरक्षा पर जोररू नौगई स्कूल में साइबर सुरक्षा

जागरूकता कार्यक्रम संपन्न, छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के बताए महत्वपूर्ण उपाय

एमसीबी. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नौगई में बालिकाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के बीच ऑनलाइन सुरक्षा, निजी जानकारी की गोपनीयता, मजबूत पासवर्ड, संदिग्ध लिंक और साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को डिजिटल दुनिया का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग करने के लिए जागरूक एवं सक्षम बनाना रहा।
कार्यक्रम कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन महिला सशक्तिकरण केंद्र हब की जिला मिशन समन्वयक श्रीमती तारा कुशवाहा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं को साइबर सुरक्षा से जुड़ी व्यवहारिक जानकारियां सरल भाषा में समझाई गईं, ताकि वे इंटरनेट का उपयोग करते समय संभावित जोखिमों को पहचान सकें और किसी भी साइबर धोखाधड़ी अथवा ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में सतर्कता बरत सकें।

निजी जानकारी साझा करने से बचने की दी सीख
कार्यक्रम में बालिकाओं को विशेष रूप से समझाया गया कि इंटरनेट की दुनिया में अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। उन्हें बताया गया कि अपना पूरा नाम, घर का पता, स्कूल का नाम, मोबाइल नंबर, पासवर्ड, ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी अथवा अन्य निजी विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ ऑनलाइन साझा नहीं करना चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से आने वाले फ्रेंड रिक्वेस्ट, मैसेज अथवा चैट का जवाब देने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी गई। बालिकाओं को बताया गया कि साइबर अपराधी कई बार परिचित व्यक्ति बनकर या आकर्षक ऑफर, इनाम, नौकरी अथवा अन्य प्रलोभन देकर व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे किसी भी संदेश या अनुरोध पर तुरंत विश्वास करने के बजाय पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है।

मजबूत पासवर्ड और संदिग्ध लिंक से सावधानी
कार्यक्रम में छात्राओं को मजबूत पासवर्ड बनाने के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि पासवर्ड ऐसा होना चाहिए, जिसका अनुमान आसानी से न लगाया जा सके। अलग-अलग डिजिटल अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड का उपयोग करना और समय-समय पर पासवर्ड बदलना भी सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
बालिकाओं को विशेष रूप से चेताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक पर बिना जांचे क्लिक न करें। कई बार ऐसे लिंक के माध्यम से साइबर ठगी, फर्जी वेबसाइट, वायरस या निजी जानकारी चोरी करने का प्रयास किया जा सकता है। किसी भी लिंक को खोलने से पहले उसके स्रोत और विश्वसनीयता की जांच करने की सलाह दी गई।

सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जोर
कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को लेकर भी बालिकाओं को जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि सोशल मीडिया पर फोटो, वीडियो, लोकेशन और व्यक्तिगत गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। अपनी प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग को सुरक्षित रखना तथा अनजान लोगों के साथ निजी बातचीत से बचना आवश्यक है।
बालिकाओं को यह भी समझाया गया कि यदि उन्हें ऑनलाइन किसी प्रकार का आपत्तिजनक संदेश, धमकी, संदिग्ध गतिविधि या परेशानी का सामना करना पड़े तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय विश्वसनीय अभिभावक, शिक्षक या संबंधित अधिकारी को इसकी जानकारी देनी चाहिए। साइबर अपराध की स्थिति में समय पर जानकारी देना महत्वपूर्ण है, जिससे समस्या को गंभीर होने से पहले रोका जा सके।

बालिकाओं में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को केवल साइबर खतरों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें डिजिटल माध्यमों का आत्मविश्वास के साथ सुरक्षित उपयोग करने के लिए सक्षम बनाना भी रहा। आज शिक्षा, संचार, ऑनलाइन सेवाओं और मनोरंजन के लिए इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में बच्चों और किशोरियों के लिए डिजिटल सुरक्षा के नियमों को समझना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को बताया गया कि सतर्कता और जागरूकता साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। इंटरनेट का उपयोग करते समय किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करना, निजी जानकारी सुरक्षित रखना, संदिग्ध लिंक से बचना और किसी भी असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत जिम्मेदार व्यक्ति को देना उनकी सुरक्षा को मजबूत कर सकता है।
इस कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर से श्रीमती प्रियंका राजवाड़े, महिला सशक्तिकरण केंद्र से सुश्री शैलजा गुप्ता एवं श्रीमती अनीता कुमारी शाह ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना पूर्ण योगदान प्रदान किया। विद्यालय एवं शिक्षा विभाग के साथ-साथ पुलिस विभाग ने भी कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग प्रदान किया।

0
Show Comments (0) Hide Comments (0)
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Recent Posts:
Share
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x