1 नवंबर को रजत जयंती समारोह में प्रदेश प्रवास पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से बार-बार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की तारीफ करके छत्तीसगढ़ की सियासत में हलचल मचा दी है।जहाँ पूरा कार्यक्रम साय सरकार की उपलब्धियों के प्रचार के लिए माना जा रहा था, वहीं मोदी के भाषण में सबसे ज़्यादा जगह रमन सिंह को मिली। मोदी ने कहा कि—➡️ “डॉ. रमन सिंह का अनुभव और संगठन क्षमता छत्तीसगढ़ के लिए अमूल्य है…”राजनीतिक गलियारों में अब तेज़ चर्चा है कि—क्या मोदी के संकेत से छत्तीसगढ़ BJP में नया पावर समीकरण तैयार हो रहा है?सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि मोदी को मौजूदा सरकार के प्रदर्शन को लेकर निराशा है और यही वजह है कि उन्होंने खुले मंच पर रमन सिंह को बार-बार आगे किया।कार्यक्रम के बाद पत्रकारों व राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है—“साय सरकार की दिशा और गति से केंद्र खुश नहीं। रमन को फिर मजबूत भूमिका मिल सकती है।”इस बीच, पार्टी के कई पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं के चेहरे पर अलग तरह की चमक दिखाई दे रही थी, लेकिन मौजूदा नेतृत्व खामोश!छत्तीसगढ़ की राजनीति में अब बड़ा सवाल यह है—🤔 क्या मोदी ने मंच से नए नेतृत्व की घोषणा के संकेत दे दिए?या यह सिर्फ एक रणनीतिक संदेश था?जो भी हो, 1 नवंबर का यह मंच👉 छत्तीसगढ़ BJP के लिए नए अध्याय की शुरुआत बन सकता है।

